Rastryy Swnsevk essence of the prayer of the Union

रास्ट्रीय स्वंसेवक संघ की प्राथना का सार (कांग्रेसी एवं सेकुलर धयान से पढ़े )
हे वत्सल मातृभूमि! मैं तुझे निरंतर प्रणाम करता हूँ| हे हिन्दुभूमि! तुने ही मुझे सुख में बढाया है| हे महामंगलमयी पुण्यभूमि! तेरे हित मेरी ये काया अर्पित हो| तुझे मैं अनन्त बार प्रणाम करता हूँ| हे सर्वशक्तिमान परमेश्वर! ये हम हिन्दू राष्ट्र के अंगभूत घटक, तुझे आदरपूर्वक प्रणाम करते हैं| तेरे ही कार्य के लिए हमने अपनी कमर कसी है| उसकी पूर्ति के लिए हमें शुभ आशीर्वाद दे| विश्व के लिए जो अजेय हो, ऐसी शक्ति, सारा जगत जिससे विनम्र हो, ऐसा विशुद्ध शील तथा बुद्धिपूर्वक स्वीकृत हमारे कंटकमय मार्ग को सुगम करने वाला ज्ञान भी हमें दे| अभ्युदय सहित नि:श्रेयस की प्राप्ति का एकमात्र उग्र साधन वीरव्रत है, उसका हम लोगों के अंत:करण में स्फुरण हो| हमारे ह्रदय में अक्षय तथा तीव्र ध्येयनिष्ठा सदैव जाग्रत रहे| तेरे आशीर्वाद से हमारी विजयशालिनी संगठित कार्यशक्ति का रक्षण कर अपने इस राष्ट्र को परम वैभव की स्थिति में ले जाने में नितांत समर्थ हो| ।। भारत माता की जय ।।

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