Confused ideology of Hindu suicide

देश में हिन्दुओ की अधिकता है ये सच है,

पर हिंदुत्व का वर्गीकरण इस प्रकार हो रहा है -

१] नगण्य देशभक्त हिन्दू जागृत है और सच्ची देशभक्त संस्थाए, जैसे की रा.स्व.संघ ,बजरंग दल, वि. ही.प. के साथ है!

२] उस से कई गुना ज्यादा नीच हिन्दू 'सेकुलर' है ,जिन महामुर्खो को अपने ही धर्म का विरोध करने में धर्मनिरपेक्षता दिखती है

३] एक बड़ा वर्ग जातीयवादी है, जिन्हें अपनी जाती अपने हिन्दू धर्म से बड़ी लगती है.

४] भ्रमित विचारधारा के आत्मघाती हिन्दू कांग्रेस के साथ है ,कांग्रेस जिसका एकमात्र राजनितिक लक्ष - 'हिन्दुवीरोध' है .

५] और सबसे बड़ा वर्ग है "युवावर्ग" जो पूर्ण रूप से निष्क्रिय होकर अश्लिष और तत्वहीन पाश्चिमात्य संस्कृति का अनुकरण करने में लगा हुआ है, और मूल्यहीन जीवन जी रहा है,जिसका देव , देश ,और धर्म को कोई फायदा नहीं

६] भीमराव आम्बेडकर के अनुयायियों का भी एक बड़ा वर्ग है, जो की हिन्दुस्तान से "आरक्षण" भी लेता है और हिन्दुवीरोध की विचारधारा भी रक्षता है


७] बचा हुआ वर्ग है "उच्च शिक्षित वर्ग" जो सिर्फ अपनी उपजीविका चलने में अग हुआ है, विदेश जाकर पैसा कमाना इनके जीवन का एकमात्र लक्ष है.इनकी उच्च शिक्षितता केवा इनके स्वार्थ साधने मी व्यय हो रही है , और सिर्फ भूमि का भार बढा रही है !!

और इस प्रकार हिन्दुओ के अपने ही देश में हिंदुत्व का "राहुकाल" चल रहा है !!!

जिस दीन समग्र हिन्दुजाती अपने स्वार्थो और जातीयवाद को छोड़कर एक छत्र (हिंदुत्व) के नीचे आएँगी ,और ये भारत देश "हिन्दुराष्ट्र" कहालायेंगा, उस दीन विश्व में एक 'महाशक्ति' का उदय होंगा .जिस महाशक्ति का नाम होंगा - "संयुक्त आर्यावर्त"


आपका -नर व्याघ्रो आर्यों सार्वभौमः


कृण्वन्तो विश्वमार्यम !

जय हो मैय्या की,
जयति अखंड हिन्दू राष्ट्रं !
हर हर महादेव !

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