Verbally to an Indian story of India
हिंदुस्तान की कहानी एक हिंदुस्तानी की जुबानी :-
जब तक विदेशी कम्पनीया हिंदुस्तान मे रहेंगी तब तक हिंदुस्तान विकसित देश नहीं बन सकता क्यू की ये विदेशी कंपनीया हिंदुस्तान मे आती है और व्यापार करती है और हिंदुस्तान से धन कमा कर विदेश ले जाती है ,जिसके फलस्वरूप हिंदुस्तान की सरकार के पास धन की कमी रहती है ,और सरकार को देश चलाने के लिए विदेशो से कर्जा लेना पड़ता है ॥ आइए कुछ विदेशी कंपनियो पर नजर डालते... है ॥ ...ये आकडे मुम्बई के स्टाक एक्स्चेंज के आधार पर है ॥
1- हिंदुस्तान लीवर (1933) मे हमारे देश मे व्यापार कर ने के लिए इसने 24 लाख की पूंजी लगाई और कमाया प्रति वर्ष 240 करोड़ रुपये ॥ अब आप इस कम्पनी की कमाई का खुद अंदाजा लगा सकते है (1933 से अब तक )
2- कोलगेट ,पामोलिव (1937) मे हमारे देश मे व्यापार कर ने के लिए इसने 1लाख 50 हजार की पूंजी लगाई और कमाया प्रति वर्ष 77 करोड़ रुपये ॥ अब आप इस कम्पनी की कमाई का खुद अंदाजा लगा सकते है (1937 से अब तक )
3-बाटा इंडिया लिमिटेड (1931) मे हमारे देश मे व्यापार कर ने के लिए इसने 70 लाख की पूंजी लगाई और आज 115 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति है सिर्फ इस देश मे तो जरा सोचिए की अभी तक 1931 से अब तक ये कितनी सारी पूंजी हमारे देश से ले जा चुकी होगी ॥
4-स्विस मल्टी नेशनल (1947) मे हमारे देश मे व्यापार कर ने के लिए इसने 48 लाख की पूंजी लगाई और आज 176 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति है सिर्फ इस देश मे तो जरा सोचिए की अभी तक 1947 से अब तक ये कितनी सारी पूंजी हमारे देश से ले जा चुकी होगी ॥
5- जौनसन &जौनसन (1957)मे हमारे देश मे व्यापार कर ने के लिए इसने 24 लाख की पूंजी लगाई और न जाने कितने करोड़ कमाए॥
और आप सब तो जानते ही होंगे की हिंदुस्तान मे न जाने कितनी कम्पनी है जो की विदेशी है और वो प्रति पल न जाने कितना कमाती है ,, और अगर हम इन सभी विदेशी कम्पनी की सालने मुनाफे को जोड़ दे तो आप सोचिए की ये धन राशि कितनी हो जाएगी ,जो की हर साल हिंदुस्तान से बाहर जा रही है ,, तो फिर अब आप बताए की क्या अभी भी हमे विदेशी नहीं लूट रहे है ॥ इस लिए स्वदेशी बने ॥ और स्वदेशी चीजों का उपयोग करे ॥
जब तक विदेशी कम्पनीया हिंदुस्तान मे रहेंगी तब तक हिंदुस्तान विकसित देश नहीं बन सकता क्यू की ये विदेशी कंपनीया हिंदुस्तान मे आती है और व्यापार करती है और हिंदुस्तान से धन कमा कर विदेश ले जाती है ,जिसके फलस्वरूप हिंदुस्तान की सरकार के पास धन की कमी रहती है ,और सरकार को देश चलाने के लिए विदेशो से कर्जा लेना पड़ता है ॥ आइए कुछ विदेशी कंपनियो पर नजर डालते... है ॥ ...ये आकडे मुम्बई के स्टाक एक्स्चेंज के आधार पर है ॥
1- हिंदुस्तान लीवर (1933) मे हमारे देश मे व्यापार कर ने के लिए इसने 24 लाख की पूंजी लगाई और कमाया प्रति वर्ष 240 करोड़ रुपये ॥ अब आप इस कम्पनी की कमाई का खुद अंदाजा लगा सकते है (1933 से अब तक )
2- कोलगेट ,पामोलिव (1937) मे हमारे देश मे व्यापार कर ने के लिए इसने 1लाख 50 हजार की पूंजी लगाई और कमाया प्रति वर्ष 77 करोड़ रुपये ॥ अब आप इस कम्पनी की कमाई का खुद अंदाजा लगा सकते है (1937 से अब तक )
3-बाटा इंडिया लिमिटेड (1931) मे हमारे देश मे व्यापार कर ने के लिए इसने 70 लाख की पूंजी लगाई और आज 115 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति है सिर्फ इस देश मे तो जरा सोचिए की अभी तक 1931 से अब तक ये कितनी सारी पूंजी हमारे देश से ले जा चुकी होगी ॥
4-स्विस मल्टी नेशनल (1947) मे हमारे देश मे व्यापार कर ने के लिए इसने 48 लाख की पूंजी लगाई और आज 176 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति है सिर्फ इस देश मे तो जरा सोचिए की अभी तक 1947 से अब तक ये कितनी सारी पूंजी हमारे देश से ले जा चुकी होगी ॥
5- जौनसन &जौनसन (1957)मे हमारे देश मे व्यापार कर ने के लिए इसने 24 लाख की पूंजी लगाई और न जाने कितने करोड़ कमाए॥
और आप सब तो जानते ही होंगे की हिंदुस्तान मे न जाने कितनी कम्पनी है जो की विदेशी है और वो प्रति पल न जाने कितना कमाती है ,, और अगर हम इन सभी विदेशी कम्पनी की सालने मुनाफे को जोड़ दे तो आप सोचिए की ये धन राशि कितनी हो जाएगी ,जो की हर साल हिंदुस्तान से बाहर जा रही है ,, तो फिर अब आप बताए की क्या अभी भी हमे विदेशी नहीं लूट रहे है ॥ इस लिए स्वदेशी बने ॥ और स्वदेशी चीजों का उपयोग करे ॥
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