Why so much hue and cry in the name of the president?
जब भारत में पराठे बनाने वाले भारत के राष्ट्रपति बन सकते है तो राष्ट्रपति बनाने के नाम पर इतना हो हल्ला क्यों ?? किसी भी चाय बनाने वाले , मुगफली बेचने वाले , या कार मैकेनिक को बना दो ,, वैसे भी जो राष्ट्रपति 6 साल में यह तय ना कर पाए की अफज़ल को फांसी दी जाय या नहीं ? वो राष्ट्रपति जो केवल ३४ दया याचिकाओं पर 6 साल में कोई फैसला ना ले पाए ? वो राष्ट्रपति जो खान्ग्रेस के कहने पर सचिन और रेखा को राज्यसभा सांसद बनाने के फैसले पर तुरंत हामी भर दे उनकी फ़ाइल को स्वीकृति दे एक ही दिन में हस्ताक्षर कर वो राष्ट्रपति हो या न हो कोई फर्क नहीं पड़ता भारत की जनता को ||
____________________________ जीत शर्मा " मानव "
____________________________ जीत शर्मा " मानव "
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